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कॉल फॉरवर्डिंग का गलत इस्तेमाल आज बड़े साइबर फ्रॉड का एक ज़रिया बन चुका है।

छोटी छोटी पर मोटी बाते  Scammers धोखे से आपको कुछ ऐसे नम्बर डायल  करने को कहते हैं, जिनके पहले **21***, *61***, *67** जैसे codes लगे होते हैं। जैसे ही आप इन codes को dial करते हैं, आपका call forwarding activate हो जाता है। इसके बाद आपके बैंक कॉल्स  , OTPs और verification codes सीधे fraudsters तक पहुँच जाते हैं, जिससे financial fraud और account takeover का खतरा बढ़ जाता है। कैसे बचें: • *#21# dial करके call forwarding status check करें • ##002# dial करें - इससे सभी call forwarding services deactivate हो जाती हैं • Unknown callers के बताए किसी भी code को कभी dial न करें इस संबंध में Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), Ministry of Home Affairs द्वारा आधिकारिक advisory जारी की गई है। व्हाट्सएप पर जानकार बनकर स्कैमर्स मैसेज करते हैं।  वरिष्ठ नागरिक अक्सर इस तरह के घोटालों में फंस जाते हैं - इसलिए आज ही अपने घरवालों के साथ शेयर करें।   याद रखें:  * बिना सत्यापित किये किसी को भी पैसे ना भेजें  * मैसेज आये तो पहले कॉल करके कन्...

अजनबियों से बैडकैंडी न लें - आपके उपकरण कैसे प्रत्यारोपित किए जा सकते हैं और इसके बारे में क्या करना है

बैडकैंडी साधारण शब्दों में बैड कैंडी क्या हो सकती है? यह संभव है कि "बैड कैंडी" शब्द का इस्तेमाल स्कैमर्स द्वारा किया जा रहा हो, जिसका मतलब है: '1. बैड' (Bad): शायद यह 'बकवास' या 'झूठ' (बातें) के लिए हो, या फिर किसी गलत लिंक (URL) को क्लिक कराने के लिए हो (जैसे बैट-लिंक). 2. 'कैंडी' (Candy): यह मीठी-मीठी, लुभावनी बातें और ऑफर्स (जैसे भारी डिस्काउंट, लॉटरी, नौकरी) हो सकती हैं, जो आपको आसानी से लालच दें.  साइबर अपराधी सिस्को IOS XE उपकरणों पर 'बैडकैंडी' नामक एक इम्प्लांट लगा रहे हैं जो CVE-2023-20198 के प्रति संवेदनशील हैं। अक्टूबर 2023 से बैडकैंडी इम्प्लांट के विभिन्न रूप देखे गए हैं, और 2024 और 2025 के दौरान इसकी पुनः गतिविधि देखी जा सकती है। BADCANDY एक कम इक्विटी वाला Lua-आधारित वेब शेल है, और साइबर ऐक्टर्स आमतौर पर CVE-2023-20198 के संबंध में डिवाइस की भेद्यता स्थिति को छिपाने के लिए समझौता होने के बाद एक गैर-स्थायी पैच लागू करते हैं। इन मामलों में, BADCANDY इम्प्लांट की उपस्थिति, CVE-2023-20198 के माध्यम से Cisco IOS XE ...

अपना WhatsApp account किसी और को किराये पर देना या किसी अनजान व्यक्ति / ऐप के साथ pair करना WhatsApp Mule Scam का हिस्सा हो सकता है।

ऐसे मामलों में आपका account  • धोखाधड़ी और साइबर अपराध में इस्तेमाल किया जा सकता है  • आपकी जानकारी के बिना illegal activities हो सकती हैं  • और WhatsApp द्वारा account permanently suspend भी किया जा सकता है सतर्क रहें।  अपना WhatsApp account, OTP या access किसी को भी न दें। साइबर अपराध से बचाव ही सबसे बेहतर सुरक्षा है।

छेरछेरा, छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है, जिसे पौष पुन्नी भी कहा जाता है। यह पर्व पौष माह की पूर्णिमा को नई फसल के आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे घर-घर जाकर “छेरछेरा” माँगते हैं और लोग धान, कोदो व अन्य अन्न दान करते हैं। यह पर्व अन्न, दान और सामुदायिक साझेदारी की जीवंत परंपरा को दर्शाता है।

छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ में पौष माह की पूर्णिमा (जनवरी) को मनाया जाता है, जो नई फसल की कटाई और घर आने की खुशी में मनाया जाने वाला एक कृषि आधारित उत्सव है, जिसमें लोग घर-घर जाकर धान और अनाज मांगते हैं, दान करते हैं और सामाजिक समरसता व अहंकार-मुक्ति का संदेश देते हैं, और इसे शाकंभरी जयंती और भगवान शंकर द्वारा माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगने की पौराणिक कथा से भी जोड़ा जाता है.    कब मनाया जाता है?  हर साल पौष मास की पूर्णिमा (Poush Purnima) के दिन, जो आमतौर पर जनवरी महीने में आती है. क्यों मनाया जाता है? 1.फसल उत्सव (Harvest Festival): यह नई फसल (धान) की कटाई और उसे घर में सुरक्षित लाने के बाद किसानों की खुशी और मेहनत का उत्सव है, जिससे वे समाज के साथ खुशियाँ बांटते हैं.  2.दान और उदारता (Donation & Generosity): इस दिन बच्चे, युवा और बड़े समूह बनाकर घर-घर जाते हैं और 'छेरछेरा, माई कोठी के धान ल हेरहरा' (हे माँ, कोठी के धान ला दो) बोलते हुए अनाज, साग-भाजी और पैसे मांगते हैं, जो उदारता और जरूरतमंदों को देने की भावना को दर्शाता है.  3.पौराणिक मान्यता:...

साइबर फ्रॉड में मैलवेयर (Malware) एक दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर (Malicious Software) होता है,।

साइबर फ्रॉड में मैलवेयर (Malware) एक दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर (Malicious Software) होता है,  जिसे आपके कंप्यूटर, मोबाइल या नेटवर्क को नुकसान पहुँचाने, डेटा चुराने (जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स) या आपके सिस्टम पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल करने के लिए बनाया जाता है. यह अक्सर ईमेल अटैचमेंट, संदिग्ध लिंक, या फर्जी ऐप्स के ज़रिए फैलता है और वायरस, वर्म्स, ट्रोजन, रैंसमवेयर, स्पायवेयर जैसे कई रूपों में आता है, जो वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) का मुख्य ज़रिया बनता है.  मैलवेयर कैसे काम करता है: संक्रमण (Infection): यह आपको किसी लिंक पर क्लिक करने, अटैचमेंट खोलने, या नकली ऐप डाउनलोड करने के लिए लुभाता है. 1.चोरी (Theft): एक बार इंस्टॉल होने के बाद, यह आपकी निजी जानकारी, बैंकिंग क्रेडेंशियल्स, और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा लेता है. 2.नियंत्रण (Control): हैकर्स आपके डिवाइस का रिमोट कंट्रोल ले सकते हैं या आपके डेटा को लॉक करके फिरौती (Ransom) मांग सकते हैं (रैंसमवेयर). 3.बाधा (Disruption): यह सिस्टम को धीमा कर सकता है या सामान्य कामकाज रोक सकता है.  मैलवेयर क...

नया साल 2026 की बधाई खाली कर देगी आपका बैंक अकाउंट, नए साल में चूना लगाने को तैयार बैठे साइबर अपराधी, एक्‍सपर्ट ने दी चेतावनी

Happy New Year 2026 की बधाई खाली कर देगी आपका बैंक अकाउंट, नए साल में चूना लगाने को तैयार बैठे साइबर अपराधी, साइबर एक्‍सपर्ट ने दी चेतावनी. साइबर अपराधी लोगों के साथ ठगी करने के नए-नए तरीके निकालते हैं। नए साल के साथ-साथ साइबर क्राइम के मामले भी बढेंगे। साइबर अपराधी व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया और ईमेल पर भेजे जाने वाले नए साल के नकली ग्रीटिंग्स के जरिए लोगों के बैंक अकाउंट और स्मार्टफोन को एक्सेस कर सकते हैं।  आपके किसी के स्मार्टफोन को हेक करके भी आपको बधाई संदेश मिले तब भी सतर्कता बरते। नया साल आने वाला है और इसका इंतजार आपके साथ-साथ साइबर अपराधी भी कर रहे हैं। इस डिजिटल दौर में नए साल की बधाई देने के विभिन्न तरीके हैं। GIF फोटो से लेकर स्टिकर, शॉर्ट वीडियो या फिर वर्चुअल ग्रीटिंग तक विभिन्न तरह से आप अपने दोस्तों और परिवार वालों को बधाई दे सकते हैं, लेकिन ये बधाई आपके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया और ईमेल पर भेजे जाने वाले नए साल के नकली ग्रीटिंग्स अक्सर ऐसे खतरनाक लिंक या एपीके फाइलें (APK files) के साथ आते हैं, जिनसे स्कैमर्स आपके स्मार्टफो...

CBI ने खोला 1,000 करोड़ का साइबर फ्रॉड, चीन से जुड़े ठग, 111 फर्जी कंपनियां...17 पर चार्जशीट ,, साइबर फ्रॉड से सुरक्ष,, भी जीवन रक्षा।। सावधान रहे सतर्क रहे।।

CBI ने खोला 1,000 करोड़ का साइबर फ्रॉड, चीन से जुड़े ठग, 111 फर्जी कंपनियां...17 पर चार्जशीट देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। CBI ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन, निवेश योजनाओं और नौकरी के झूठे प्रस्तावों के जरिए लोगों से ठगी कर रहा था। इस मामले में चार विदेशी नागरिकों समेत 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। 1000 करोड़ की साइबर ठगी का 'चीन' कनेक्शन। (प्रतीकात्मक तस्वीर) 1. 111 फर्जी कंपनियों का नेटवर्क उजागर 2.1,000 करोड़ से अधिक का लेन-देन 3. ऑपरेशन चक्र-V के तहत बड़ी कार्रवाई डिजिटल डेस्क:  केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इस गिरोह में चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क ऑनलाइन ठगी के ज़रिये लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था, जिसके तार विदेशों तक जुड़े थे, CBI की चार्जशीट के अनुसार, गिरोह के तीन प्रमु...

सतनाम पंथ' के संस्थापक भी गुरु घासीदास जी की जय उनका जीवन परिचय ,,हमर पुरखा देव,,, अपन पुरखा मन के बारे मे जानव।

संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जयंती 18 दिसंबर अमर है। पूरा नाम गुरु घासीदास जन्म 18 दिसम्बर, 1756 जन्म भूमि गिरौद, रायपुर ज़िला, छत्तीसगढ़ मृत्यु 1850 अभिभावक मंहगूदास और अमरौतिन पति/पत्नी सफुरा मुख्य रचनाएँ इनके सात वचन सतनाम पंथ के 'सप्त सिद्धांत' के रूप में प्रतिष्ठित हैं। नागरिकता भारतीय अन्य जानकारी ' सतनाम पंथ' का संस्थापक भी गुरु घासीदास को ही माना जाता है। गुरु घासीदास (अंग्रेज़ी: Guru Ghasidas, जन्म- 18 दिसम्बर, 1756 ई., - मृत्यु- 1850 ई.) भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की संत परंपरा में सर्वोपरि हैं। बाल्याकाल से ही घासीदास के हृदय में वैराग्य का भाव प्रस्फुटित हो चुका था। समाज में व्याप्त पशुबलि तथा अन्य कुप्रथाओं का ये बचपन से ही विरोध करते रहे। समाज को नई दिशा प्रदान करने में इन्होंने अतुलनीय योगदान दिया था। सत्य से साक्षात्कार करना ही गुरु घासीदास के जीवन का परम लक्ष्य था। 'सतनाम पंथ' का संस्थापक भी गुरु घासीदास को ही माना जाता है। परिचय गुरु घासीदास का जन्म 1756 ई. में छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले में गिरौद नामक ग्राम में हुआ था। इन...

🛡️ आज का साइबर सुरक्षा विचार📌 *अनिवार्य सिम बाइंडिंग और इसका साइबर सुरक्षा पर प्रभाव*✅ अनिवार्य सिम बाइंडिंग क्या है?

टेलीकम्युनिकेशन साइबर सुरक्षा संशोधन नियम, 2025 के तहत DoT का एक नया आदेश जिसमें सभी मैसेजिंग/कम्युनिकेशन ऐप्स को रजिस्ट्रेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए सिम से लगातार जुड़े रहना होगा।* अगर सिम हटा दिया जाता है या इनएक्टिव हो जाता है → तो ऐप को तब तक काम करना बंद कर देना चाहिए जब तक कि उसे फिर से ऑथेंटिकेट न किया जाए। संक्षेप में: *सिम = हार्डवेयर आइडेंटिटी टोकन जो यह सुनिश्चित करता है कि यूज़र उस नंबर से फिजिकली जुड़ा हुआ है जिसका वह इस्तेमाल करता है।* ✅ इस सुधार की ज़रूरत क्यों पड़ी भारत में बढ़ रहे हैं: • फ़िशिंग • डिजिटल गिरफ़्तारी घोटाले • पहचान की चोरी का फ्रॉड • निवेश घोटाले • रिमोट एक्सेस का दुरुपयोग • विदेश से चलाए जा रहे WhatsApp/Telegram अकाउंट ऐप्स अभी सिम हटाने के बाद भी काम करते हैं — जिससे गुमनाम, सीमा पार दुरुपयोग संभव होता है। सिम बाइंडिंग इस कमी को दूर करता है। ✅ मुख्य प्रावधान • सभी कम्युनिकेशन ऐप्स के लिए अनिवार्य सिम लिंकेज • 90 दिन की कंप्लायंस विंडो • वेब वर्शन के लिए 6 घंटे का ऑटो लॉगआउट • भारतीय मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने वाले सभी ऐप्स पर लागू • UPI और ...

CG पुलिस आरक्षक भर्ती सूची के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका, परिजनों के साथ गृहमंत्री से मिले अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परिणाम पर विवाद गहरा गया है।

CG पुलिस आरक्षक भर्ती के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका, परिजनों के साथ गृहमंत्री से मिले अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परिणाम पर विवाद गहरा गया है।  चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। विपक्षी दलों ने भर्ती को घोटाला बताया, जबकि सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति रोकने और लंबित सूची के चयनितों को नियुक्ति देने की मांग की। राज्य के विभिन्न समाचार पत्रों में इसके संबंध में लेख उपलब्ध है प्रदेश में हुई पुलिस आरक्षक भर्ती के परिणाम जारी होने के बाद विवाद तेज हो गया है। चयन सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सैकड़ों अभ्यर्थी गुरुवार को याचिका दायर करने बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई जिलों में एक ही कैटेगरी में कम अंक पाने वाले चयनित हुए, जबकि अधिक अंक वाले बाहर कर दिए गए। कुछ अभ्यर्थियों के नाम एक ही जिले में सामान्य और ओबीसी दोनों की प्रतीक्षा सूची में पाए गए, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि जांच पूरी होने...

सड़क हादसे में रोज 485 लोगों की मौत , कही आप भी अपने बहुमूल्य जीवन से धोखाधड़ी तो नहीं कर रहे है???

सड़क परिवहन मंत्रालय लोकसभा में बताया कि वर्ष 2024 में देश में सड़क हादसों में 1.77 लाख लोगों की मौत हुई। यह औसतन हर दिन 485 मौतें हैं। यह लाख आंकड़ा 2023 की तुलना में 2.3 फीसद ज्यादा है, जब 1.73 लोगों की जान गई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया कि फरवरी 2020 में सड़क सुरक्षा पर सरकार ने जारी किया पिछले साल का आंकड़ा। तीसरे वैश्विक मंत्री स्तरीय सम्मेलन में अपनाए गए 'सड़क सुरक्षा पर ने स्टाकहोम घोषणापत्र' में 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और चोटों को 50 फीसदी तक कम करने का एक नया वैश्विक लक्ष्य रखा गया है। गडकरी ने कहा कि राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान देश में सभी श्रेणी की सड़कों पर दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या में कमी आई है। यह तो है आंकड़ों की बात हुआ। क्या आप रोड पर सफर के दौरान यातायात नियमों का पालन करते है,,??                   हम। सरकारी  आंकड़ों में नहीं जाते क्या हम रोड पर होने वाले दुर्घटना के प्...

13 दिसंबर 2025 लोक अदालत में प्रकरणों के निपटारे से शीघ्र न्याय मिलता हैं। लोक अदालत में निपटारा प्रकारणों में दोनों पक्षों की जीत होती है।

स्थायी लोक अदालत: विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा-22 क और ख के अंतर्गत, वर्ष 2007 से बिलासपुर, रायपुर, जगदलपुर, इन 05 जिलों में और वर्ष 2011 से दुर्ग एवं सरगुजा (अंबिकापुर) में जनोपयोगी सेवाओं के लिए स्थायी लोक अदालतों का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत परिवहन, डाक-तार या टेलीफोन सेवा, किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा जनता को बिजली, पानी या विद्युत आपूर्ति, सार्वजनिक स्वच्छता या स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, औषधालय या अस्पताल में सेवा, बीमा सेवा, बैंकिंग और अन्य वित्तीय संस्थानों की सेवाएँ, किसी प्रतिष्ठान द्वारा आम जनता को किसी भी प्रकार के ईंधन की आपूर्ति, शैक्षणिक या शैक्षिक संस्थान, आवास और अचल संपत्ति सेवा आदि जैसे जनोपयोगी विवादों का निपटारा होता है। ज्ञात हो कि आगामी नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाला है उक्त नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किए जाने के संबंध में तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनी कंवर द्वारा आज शुक्रवार को राजस्व, विभाग, अधिवक्तागण, चोलामंडलम, श्रीराम फाइनेंस, नेशनल इंश्योरेंस,बैंक, नगर पालिका, बीएसएनएल, विद्युत ...

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक खातों के लिए नए कम से कम शेष राशि नियम लागू किए, जो 10 दिसंबर से प्रभावी होंगे,आपके भी काम की है। आर .बी. आई. कहता है जानकार बने।

आरबीआई ने बैंक खातों के लिए नए न्यूनतम शेष नियम लागू किए:  भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) बचत और चालू खातों के लिए नए न्यूनतम शेष नियम लागू कर रहा है, जो 10 दिसंबर, 2025 से प्रभावी होंगे। इस कदम से शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों खाताधारकों के प्रभावित होने की उम्मीद है। बैंकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से किए गए पिछले समायोजनों के विपरीत, आरबीआई का मानकीकृत दृष्टिकोण अब एक समान सीमा निर्धारित करता है: शहरी बचत खातों के लिए ₹3,000 और ग्रामीण और अर्ध-शहरी खातों के लिए ₹1,500। छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म व्यवसायों सहित चालू खाताधारकों के लिए खाता स्तर के आधार पर ₹12,000 और ₹30,000 के बीच संशोधित सीमाएँ होंगी। यह अद्यतन नियामक के उस इरादे को रेखांकित करता है कि वह बड़े पैमाने पर डिजिटल बैंकिंग वातावरण में परिचालन स्थिरता के साथ ग्राहक सुविधा को संतुलित करे विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव भारत के वित्तीय तंत्र के निरंतर विकास को दर्शाता है। मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई लेनदेन और डिजिटल वॉलेट के बढ़ते उपयोग से, प्रौद्योगिकी के माध्यम से खाता शेष का प्रबंधन करना अधिक...

नए तरह का एटीएम फ्रॉड। अगला शिकार आप न बने , जानकार रहे सतर्क रहे। 🚨 साइबर-जागरूकता संदेश🚨

🚨 साइबर-जागरूकता संदेश🚨 ध्यान से पढ़ें तभी लाभ होगा। आप ATM में कैश निकालने जाते हैं। वहाँ एक आदमी मदद माँगता है  “मेरा कार्ड काम नहीं कर रहा, आप थोड़े पैसे दे दीजिए, मैं अभी आपके अकाउंट में भेज देता हूँ।” आप उसकी बातों में आ जाते हैं। वह अपने फोन में आपका नंबर डालकर पेमेंट ऐप से * Payment Successful* दिखा देता है। आप उसे पैसे दे देते हैं… और वह आराम से चला जाता है। घर जाकर चेक करते हैं— ना कोई मैसेज आया, ना पैसे। जो स्क्रीन उसने दिखाई थी, वो थी एक *फर्जी ऐप की फर्जी रसीद। बस इतना काफी है किसी को ठगने के लिए। 👉 याद रखें—ठगी अब मीठी बातों और नकली स्क्रीनशॉट से भी होती है। सतर्क रहें। 🔐Cyber Security Tips (Must Follow)* ✔️ किसी भी अनजान व्यक्ति को ATM पर मदद *कभी न करें*। ✔️ कोई भी *पेमेंट सिर्फ अपने UPI ऐप* में *Receive Money* रिकॉर्ड देखकर ही कन्फर्म करें। ✔️ स्क्रीन पर दिखाया हुआ *Payment Successful  कभी सच नहीं होता—*अपने बैंक/UPI नोटिफिकेशन* पर भरोसा करें। ✔️ यदि कोई व्यक्ति भावनात्मक या जल्दी की स्थिति बनाकर पैसे माँगे, तो समझिए *यह खतरा है*। ✔...

मोमोस, खाए और फिर चापड़ से प्रेमिका की हत्या, पहचान छुपाने पेट्रोल डालकर लगा दिया आग, ऐसे सुलझी अंधे क़त्ल की गुत्थी... यह भी एक फ्रॉड है सावधान रहे सतर्क रहे।

  छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मिली महिला की अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार कर घटनाक्रम का खुलासा किया... दुर्ग। दुर्ग के उतई थाना में 8 दिसंबर की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। आरोपी ने एक महिला की हत्या कर लाश को जला दिया था। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल खुद मौके पर पहुंचे थे। महिला का शव बुरी तरह से जल चुका था, जिसकी वजह से इसकी पहचान कर पाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। चूंकि महिला की हत्या का मामला था, एसएसपी विजय अग्रवाल ने भी गंभीरता दिखाई और क्राइम, एसीसीयू व थाना पुलिस समेत 6 टीम तैयार की। टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि विजय बांधे नाम के व्यक्ति ने एक महीला की गुमशुदगी की शिकायत सुपेला थाने में दर्ज कराई थी। बस फिर पुलिस ने बिना देरी किये सूचक विजय बांधे को पकड़ा और उससे कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी ज्यादा देर पुलिस को गुमराह नहीं कर पाया और हत्या करने की बात कबूल कर लिया। एसएसपी के नेतृत्व में ऐसे सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी दरअसल, 8 दिसम्बर की सुबह ग्राम पुरई निवासी ग्रामीण ने थाना उत्तई म...

लगभग 90% साइबर हमले मानवीय भूल के कारण होते हैं, जो साइबर सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर बल देता है। साइबर फ्रॉड की जानकारी भी जीवन रक्षा दवाई है।।

क्या आप जानते है साइबर सुरक्षा ये मानवीय भूलें, जैसे फ़िशिंग ईमेल पर क्लिक करना या कमजोर पासवर्ड का उपयोग करना, साइबर अपराधियों के लिए एक आसान रास्ता प्रदान करती हैं। इस प्रकार, तकनीकी समाधानों के साथ-साथ कर्मचारियों का उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम साइबर सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण हैं।   मानवीय भूलों के सामान्य उदाहरण : फ़िशिंग:  दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करना या हानिकारक अटैचमेंट डाउनलोड करना। कमजोर पासवर्ड:  अनुमान लगाने योग्य पासवर्ड का उपयोग करना, या पासवर्ड को असुरक्षित तरीके से साझा करना या संग्रहीत करना । पैच करने में विफलता:  महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट स्थापित न करना जिससे सिस्टम कमजोर हो जाता है। गलत डिलीवरी:  गोपनीय जानकारी गलती से गलत व्यक्ति को ईमेल करना। *भौतिक सुरक्षा चूक:  उपकरणों को अनलॉक छोड़ना या संवेदनशील डेटा की भौतिक प्रतियों को असुरक्षित छोड़ देना। क्यों महत्वपूर्ण है साइबर सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता: संभावित खतरों का ज्ञान:  कर्मचारियों को फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और मैलवेयर जैसे खतरों को पहचानने और...

साइबर जानकारी और उत्तरदायित्व का मतलब है डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार करना,

साइबर जानकारी और उत्तरदायित्व का मतलब है डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार करना, जिसमें डेटा की सुरक्षा, साइबर खतरों (जैसे मैलवेयर, फ़िशिंग, डीपफेक) से बचाव, और कानूनी दायित्वों (जैसे DPDP Act 2023) का पालन करना शामिल है, ताकि व्यक्तिगत और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, क्योंकि हैकर्स लगातार उन्नत तकनीक का उपयोग करते हैं, इसलिए संगठनों और व्यक्तियों को जागरूकता, सुरक्षा उपायों और मजबूत साइबर स्वच्छता के माध्यम से अपनी डिजिटल संपत्तियों की रक्षा करनी होती है।  साइबर जानकारी (Cyber Information) क्या है? यह वह डेटा है जिसका उपयोग सुरक्षा टीमें जोखिमों की पहचान और उन्हें कम करने के लिए करती हैं। इसमें साइबर सुरक्षा की स्थिति (जैसे सुरक्षा रेटिंग) और खतरों (जैसे रैंसमवेयर, AI-संचालित गलत सूचना) की जानकारी शामिल है।  साइबर उत्तरदायित्व (Cyber Responsibility) क्या है? व्यक्तिगत स्तर पर: सुरक्षित इंटरनेट प्रथाओं का पालन करना, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना, और साइबर स्वच्छता बनाए रखना (जैसे फ़िशिंग ईमेल से बचना)। कॉर्पोरेट स्तर पर: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा सं...

साइबर अपराध से बचाव (साइबर क्राइम रोकने के विभिन्न तरीके) जो आपको जानना भी है और अपनाना भी है।

जैसे-जैसे मोबाईल, कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोगकर्ता बढ़ रहा है वैसे भी साइबर अपराध (cyber crime) भी दिन ब दिन बढ़ रहा है। इसलिए साइबर हमलों से बचने के लिए नीचे बताए गए सुरक्षा टिप्स का पालन किया करें। साइबर क्राइम की रोकथाम करने के लिए इन महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा उपायों का पालन करें: 1. कंप्यूटर को सुरक्षित करें: कंप्यूटर को सुरक्षित करने के लिए आप सबसे पहले कंप्यूटर के फ़ायरवॉल को सक्रिय करें, और एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें। 2. मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें: सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए आपको कांसे काम 10 अक्षर का पासवर्ड रखना होगा, जिसमें अक्षर, संख्या, विशेष वर्ण (letters, numbers, special characters) शामिल होना चाहिए और नियमित रूप से उन्हें बदलें। 3. वायरलेस नेटवर्क को सुरक्षित रखें: जब भी आप किसी वाईफाई नेटवर्क से कनेक्ट हो तो ये याद रहे की प्राइवेट नेटवर्क से कनेक्ट हो। 4. अपनी ई-पहचान की रक्षा करें: कोई हैकर आपके सिर्फ पर्सनल इनफार्मेशन निकाल के आपके सिस्टम तक पहुंच सकता है, इसलिए आपके पर्सनल जानकारी जैसे की नाम , पता, ईमेल आई डी, फोन नंबर, इत्यादि ...

साइबर फ्रॉड की वजह से सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता बढ़ रही है, जिसके लिए विशेष विशेषज्ञता और जानकारी की आवश्यकता है।

साइबर सुरक्षा और वित्त सलाहकार की भूमिका वित्तीय संस्थानों और ग्राहकों को साइबर खतरों से बचाने के लिए वित्तीय विशेषज्ञता और साइबर सुरक्षा ज्ञान का संयोजन करती है। इसमें सुरक्षा रणनीतियाँ विकसित करना, जोखिम प्रबंधन पर सलाह देना और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा और नियमों का पालन करने के लिए सुरक्षा समाधान लागू करना शामिल हो सकता है। वित्त उद्योग साइबर अपराधियों का एक प्रमुख लक्ष्य है, इसलिए विश्वास, व्यावसायिक निरंतरता और वित्तीय स्वास्थ्य के लिए मज़बूत साइबर सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं।  उत्तरदायित्व और कर्तव्य 1.सुरक्षा रणनीति विकसित करें: वित्तीय डेटा और प्रणालियों को साइबर हमलों से बचाने के लिए रणनीतियों को डिज़ाइन और कार्यान्वित करना. जोखिम प्रबंधन पर सलाह: संगठनों को उनके साइबर जोखिमों को समझने और सुरक्षा निवेश के बारे में सूचित निर्णय लेने में सहायता करें। 2.सुरक्षा समाधान लागू करें: पहचान और पहुंच प्रबंधन प्रणाली, नेटवर्क सुरक्षा और घुसपैठ का पता लगाने जैसे सुरक्षा समाधानों के निर्माण, कार्यान्वयन और प्रबंधन के लिए टीमों के साथ काम करें। 3.अनुपालन सुनिश्चित करें: वित्तीय ...

माता-पिता के लिए अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटीज़ पर कड़ी नज़र रखना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। सावधान रहे सतर्क रहे।

गैजेट्स और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ, माता-पिता के लिए अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटीज़ पर कड़ी नज़र रखना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। क्योंकि यह आपके बच्चे के पूरे जीवन का सवाल है। यदि कुछ भी गलत हुआ तो सब खत्म हो सकता है सतर्क रहे,और दूसरों को भी सतर्क रहने की जानकारी प्रदान करें। अजनबी, स्कैम, गेमिंग रिस्क और नुकसानदायक कंटेंट चुपचाप उनके डिजिटल स्पेस में आ सकते हैं। ✔️ अपने बच्चे से सुरक्षित ऑनलाइन आदतों के बारे में बा त करें ✔️ उन्हें गाइड करें कि क्या क्लिक करें, क्या न करें और क्या रिपोर्ट करें ✔️ स्क्रीन टाइम और ऐप इस्तेमाल के लिए आसान पारिवारिक नियम बनाएं ✔️ बातचीत खुली रखें ताकि वे कुछ भी अजीब शेयर करने में सुरक्षित महसूस करें  आप अपनी फ़ोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, है ना? क्या आपको पता है कि स्कैमर आपकी फ़ोटो का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं? कोई भी डीपफेक का टारगेट बन सकता है, लेकिन आपको हमेशा एक्शन लेने का अधिकार है। तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। ध्यान दें! डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड करने वाले दिल...