सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

CBI ने खोला 1,000 करोड़ का साइबर फ्रॉड, चीन से जुड़े ठग, 111 फर्जी कंपनियां...17 पर चार्जशीट ,, साइबर फ्रॉड से सुरक्ष,, भी जीवन रक्षा।। सावधान रहे सतर्क रहे।।

CBI ने खोला 1,000 करोड़ का साइबर फ्रॉड, चीन से जुड़े ठग, 111 फर्जी कंपनियां...17 पर चार्जशीट
देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। CBI ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन, निवेश योजनाओं और नौकरी के झूठे प्रस्तावों के जरिए लोगों से ठगी कर रहा था। इस मामले में चार विदेशी नागरिकों समेत 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
1000 करोड़ की साइबर ठगी का 'चीन' कनेक्शन। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
1.111 फर्जी कंपनियों का नेटवर्क उजागर
2.1,000 करोड़ से अधिक का लेन-देन
3.ऑपरेशन चक्र-V के तहत बड़ी कार्रवाई
डिजिटल डेस्क: 
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इस गिरोह में चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क ऑनलाइन ठगी के ज़रिये लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था, जिसके तार विदेशों तक जुड़े थे,

CBI की चार्जशीट के अनुसार, गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि ये साइबर अपराधी फर्जी लोन ऑफर, नकली निवेश योजनाओं, पोंजी स्कीम, मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM), फर्जी मोबाइल ऐप और झूठे नौकरी प्रस्तावों के ज़रिये लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
यह मामला भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर दर्ज किया गया था। लगातार सामने आ रही साइबर ठगी की शिकायतों को देखते हुए सीबीआई ने इस नेटवर्क की गहन जांच शुरू की।

जांच में यह भी सामने आया कि ठगों ने अपनी पहचान छिपाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। इसमें Google विज्ञापन, बल्क एसएमएस कैंपेन, सिम-बॉक्स मैसेजिंग सिस्टम, क्लाउड सर्वर, फिनटेक प्लेटफॉर्म और कई फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल शामिल था।

अधिकारियों ने पाया कि इस पूरे ऑपरेशन के केंद्र में 111 फर्जी कंपनियां थीं, जिन्हें नकली निदेशकों, जाली दस्तावेजों और फर्जी पतों के जरिए पंजीकृत किया गया था। सैकड़ों बैंक खातों के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का लेन-देन किया गया। इनमें से एक खाते में ही कम समय में 152 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दो भारतीय आरोपियों से जुड़ी एक UPI ID अगस्त 2025 तक विदेशी लोकेशन से सक्रिय रही, जिससे वास्तविक समय में विदेश से निगरानी की पुष्टि हुई।

CBI के अनुसार, इस साइबर ठगी नेटवर्क में शामिल विदेशी नागरिकों की पहचान जू यी, हुआन लियू, वेइजियान लियू और गुआनहुआ वांग के रूप में हुई है। आरोप है कि इन लोगों ने वर्ष 2020 से भारत में फर्जी कंपनियों के गठन की साजिश रची थी। यह कार्रवाई सीबीआई के ऑपरेशन चक्र-V के तहत की गई, जिसका उद्देश्य संगठित और अंतरराष्ट्रीय साइबर आर्थिक अपराधों पर रोक लगाना है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लगभग 90% साइबर हमले मानवीय भूल के कारण होते हैं, जो साइबर सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर बल देता है। साइबर फ्रॉड की जानकारी भी जीवन रक्षा दवाई है।।

क्या आप जानते है साइबर सुरक्षा ये मानवीय भूलें, जैसे फ़िशिंग ईमेल पर क्लिक करना या कमजोर पासवर्ड का उपयोग करना, साइबर अपराधियों के लिए एक आसान रास्ता प्रदान करती हैं। इस प्रकार, तकनीकी समाधानों के साथ-साथ कर्मचारियों का उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम साइबर सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण हैं।   मानवीय भूलों के सामान्य उदाहरण : फ़िशिंग:  दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करना या हानिकारक अटैचमेंट डाउनलोड करना। कमजोर पासवर्ड:  अनुमान लगाने योग्य पासवर्ड का उपयोग करना, या पासवर्ड को असुरक्षित तरीके से साझा करना या संग्रहीत करना । पैच करने में विफलता:  महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट स्थापित न करना जिससे सिस्टम कमजोर हो जाता है। गलत डिलीवरी:  गोपनीय जानकारी गलती से गलत व्यक्ति को ईमेल करना। *भौतिक सुरक्षा चूक:  उपकरणों को अनलॉक छोड़ना या संवेदनशील डेटा की भौतिक प्रतियों को असुरक्षित छोड़ देना। क्यों महत्वपूर्ण है साइबर सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता: संभावित खतरों का ज्ञान:  कर्मचारियों को फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और मैलवेयर जैसे खतरों को पहचानने और...

मोमोस, खाए और फिर चापड़ से प्रेमिका की हत्या, पहचान छुपाने पेट्रोल डालकर लगा दिया आग, ऐसे सुलझी अंधे क़त्ल की गुत्थी... यह भी एक फ्रॉड है सावधान रहे सतर्क रहे।

  छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मिली महिला की अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार कर घटनाक्रम का खुलासा किया... दुर्ग। दुर्ग के उतई थाना में 8 दिसंबर की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। आरोपी ने एक महिला की हत्या कर लाश को जला दिया था। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल खुद मौके पर पहुंचे थे। महिला का शव बुरी तरह से जल चुका था, जिसकी वजह से इसकी पहचान कर पाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। चूंकि महिला की हत्या का मामला था, एसएसपी विजय अग्रवाल ने भी गंभीरता दिखाई और क्राइम, एसीसीयू व थाना पुलिस समेत 6 टीम तैयार की। टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि विजय बांधे नाम के व्यक्ति ने एक महीला की गुमशुदगी की शिकायत सुपेला थाने में दर्ज कराई थी। बस फिर पुलिस ने बिना देरी किये सूचक विजय बांधे को पकड़ा और उससे कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी ज्यादा देर पुलिस को गुमराह नहीं कर पाया और हत्या करने की बात कबूल कर लिया। एसएसपी के नेतृत्व में ऐसे सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी दरअसल, 8 दिसम्बर की सुबह ग्राम पुरई निवासी ग्रामीण ने थाना उत्तई म...

फर्जी जॉब ऑफर से रहें सावधान! रट लें सरकार की ये बातें, कभी नहीं होगा साइबर फ्रॉड

अगर, आपके फोन पर जॉब ऑफर वाले मैसेज या कॉल आ रहे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। इन दिनों कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी जॉब ऑफर के नाम पर ठगी की गई है। सरकार ने इससे बचने के तरीके बताए हैं। आज के डिजिटल दौर में नौकरी ढूंढना जितना आसान हो गया है, ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा उतना ही बढ़ गया है। साइबर अपराधी अब नामी कंपनियों के नाम पर फर्जी जॉब ऑफर भेजकर लोगों से पैसे ठग रहे हैं। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने “ऑनलाइन जॉब फ्रॉड” को आधिकारिक अपराध की श्रेणी में रखा है, ताकि लोग इस खतरे को गंभीरता से लें। हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों से ट्रेनिंग, वीजा प्रोसेसिंग या बैकग्राउंड चेक के नाम पर पैसे वसूले गए। कुछ मामलों में तो भारतीय जॉब सीकर्स को विदेशों में झूठे वादों के जाल में फंसाया गया; जिससे साफ है कि अब सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। किसी के भी कंपनी के   नाम पर फर्जी जॉब ऑफर का ऐसा ही  बहुत सारे  मामला सामने आया है, जिसके बाद सरकार ने जरूरी चेतावनी जारी की है। कैसे पहचानें नौकरी फर्जी है या असली? “1.घर ब...