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माता-पिता के लिए अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटीज़ पर कड़ी नज़र रखना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। सावधान रहे सतर्क रहे।

गैजेट्स और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ, माता-पिता के लिए अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटीज़ पर कड़ी नज़र रखना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। क्योंकि यह आपके बच्चे के पूरे जीवन का सवाल है।
यदि कुछ भी गलत हुआ तो सब खत्म हो सकता है सतर्क रहे,और दूसरों को भी सतर्क रहने की जानकारी प्रदान करें।

अजनबी, स्कैम, गेमिंग रिस्क और नुकसानदायक कंटेंट चुपचाप उनके डिजिटल स्पेस में आ सकते हैं।
✔️ अपने बच्चे से सुरक्षित ऑनलाइन आदतों के बारे में बात करें
✔️ उन्हें गाइड करें कि क्या क्लिक करें, क्या न करें और क्या रिपोर्ट करें
✔️ स्क्रीन टाइम और ऐप इस्तेमाल के लिए आसान पारिवारिक नियम बनाएं
✔️ बातचीत खुली रखें ताकि वे कुछ भी अजीब शेयर करने में सुरक्षित महसूस करें 
आप अपनी फ़ोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, है ना?

क्या आपको पता है कि स्कैमर आपकी फ़ोटो का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं?

कोई भी डीपफेक का टारगेट बन सकता है, लेकिन आपको हमेशा एक्शन लेने का अधिकार है।
तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

ध्यान दें!

डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड करने वाले दिल्ली ब्लास्ट के नाम पर या अन्य किसी भी कार्य से अनजान लोगों को धमका रहे हैं।

इसमें कुछ नागरिक जाल में फंस जाते है, और जो जानकार रहते है वह बच निकलते। क्योंकि उन्हें कॉल पर भरोसा नहीं होता है। उन्हें मालूम हो जाता है कि यह कोई साइबर अपराधी है

याद रखे हाउस अरेस्ट==100%धोखा है।

ऐसा कुछ फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर रिपोर्ट करें या अपनी नजदीकी थाना में रिपोर्ट करे।
🙏धन्यवाद🙏

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