सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सावधान! मतदाता सूची एसआईआर (special intensive review) विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए कोई ओटीपी या पासवर्ड नही मांगता है, सतर्क रहे।

सावधान! मतदाता सूची एसआईआर के लिए कोई ओटीपी या पासवर्ड नही मांगता है।

 मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत हो चुकी है। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाएंगे। एक ओर मतदाता अपने जरूरी प्रपत्रों को जुटाने में लगे हुए हैं, वहीं ऐसे अवसरों पर अक्सर साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं। इसे लेकर एसडीएम आलोक सिंह और सीओ मोहम्मद फहीम कुरैशी ने आम लोगों को सावधान किया है। अपील की है कि किसी को भी ओटीपी, पासवर्ड या अपने बैंक खाते से संबंधित विवरण न दें। एसडीएम ने बताया कि बीएलओ मैन्युअल फॉर्म भरवाएंगे। वह जब मतदाता के पास जाएंगे तो किसी किस्म की ऑनलाइन औपचारिकता नहीं कराएंगे और न कॉल करेंगे।

किसी तरह का कोई ओटीपी या पासवर्ड भी बीएलओ नहीं मांगेंगे। किसी भी मतदाता को अपने बैंक खाते के नंबर या उससे संबंधित कोई विवरण भी नहीं देना है। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान साइबर ठगी से बचें। संबंधित कोई भी कॉल आए तो तत्काल अपने नजदीकी थाने की पुलिस को सूचना दें। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी मतदाता को किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए तो बीएलओ या एसडीएम से संपर्क करें। स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए मतदाता को फॉर्म 6 घोषणापत्र भरना होगा। सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 भरना होगा। नाम में सुधार या स्थानांतरण के लिए फॉर्म 8 मतदाता को स्वयं ही भरना है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लगभग 90% साइबर हमले मानवीय भूल के कारण होते हैं, जो साइबर सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर बल देता है। साइबर फ्रॉड की जानकारी भी जीवन रक्षा दवाई है।।

क्या आप जानते है साइबर सुरक्षा ये मानवीय भूलें, जैसे फ़िशिंग ईमेल पर क्लिक करना या कमजोर पासवर्ड का उपयोग करना, साइबर अपराधियों के लिए एक आसान रास्ता प्रदान करती हैं। इस प्रकार, तकनीकी समाधानों के साथ-साथ कर्मचारियों का उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम साइबर सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण हैं।   मानवीय भूलों के सामान्य उदाहरण : फ़िशिंग:  दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करना या हानिकारक अटैचमेंट डाउनलोड करना। कमजोर पासवर्ड:  अनुमान लगाने योग्य पासवर्ड का उपयोग करना, या पासवर्ड को असुरक्षित तरीके से साझा करना या संग्रहीत करना । पैच करने में विफलता:  महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट स्थापित न करना जिससे सिस्टम कमजोर हो जाता है। गलत डिलीवरी:  गोपनीय जानकारी गलती से गलत व्यक्ति को ईमेल करना। *भौतिक सुरक्षा चूक:  उपकरणों को अनलॉक छोड़ना या संवेदनशील डेटा की भौतिक प्रतियों को असुरक्षित छोड़ देना। क्यों महत्वपूर्ण है साइबर सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता: संभावित खतरों का ज्ञान:  कर्मचारियों को फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और मैलवेयर जैसे खतरों को पहचानने और...

मोमोस, खाए और फिर चापड़ से प्रेमिका की हत्या, पहचान छुपाने पेट्रोल डालकर लगा दिया आग, ऐसे सुलझी अंधे क़त्ल की गुत्थी... यह भी एक फ्रॉड है सावधान रहे सतर्क रहे।

  छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मिली महिला की अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार कर घटनाक्रम का खुलासा किया... दुर्ग। दुर्ग के उतई थाना में 8 दिसंबर की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। आरोपी ने एक महिला की हत्या कर लाश को जला दिया था। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल खुद मौके पर पहुंचे थे। महिला का शव बुरी तरह से जल चुका था, जिसकी वजह से इसकी पहचान कर पाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। चूंकि महिला की हत्या का मामला था, एसएसपी विजय अग्रवाल ने भी गंभीरता दिखाई और क्राइम, एसीसीयू व थाना पुलिस समेत 6 टीम तैयार की। टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि विजय बांधे नाम के व्यक्ति ने एक महीला की गुमशुदगी की शिकायत सुपेला थाने में दर्ज कराई थी। बस फिर पुलिस ने बिना देरी किये सूचक विजय बांधे को पकड़ा और उससे कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी ज्यादा देर पुलिस को गुमराह नहीं कर पाया और हत्या करने की बात कबूल कर लिया। एसएसपी के नेतृत्व में ऐसे सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी दरअसल, 8 दिसम्बर की सुबह ग्राम पुरई निवासी ग्रामीण ने थाना उत्तई म...

फर्जी जॉब ऑफर से रहें सावधान! रट लें सरकार की ये बातें, कभी नहीं होगा साइबर फ्रॉड

अगर, आपके फोन पर जॉब ऑफर वाले मैसेज या कॉल आ रहे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। इन दिनों कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी जॉब ऑफर के नाम पर ठगी की गई है। सरकार ने इससे बचने के तरीके बताए हैं। आज के डिजिटल दौर में नौकरी ढूंढना जितना आसान हो गया है, ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा उतना ही बढ़ गया है। साइबर अपराधी अब नामी कंपनियों के नाम पर फर्जी जॉब ऑफर भेजकर लोगों से पैसे ठग रहे हैं। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने “ऑनलाइन जॉब फ्रॉड” को आधिकारिक अपराध की श्रेणी में रखा है, ताकि लोग इस खतरे को गंभीरता से लें। हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों से ट्रेनिंग, वीजा प्रोसेसिंग या बैकग्राउंड चेक के नाम पर पैसे वसूले गए। कुछ मामलों में तो भारतीय जॉब सीकर्स को विदेशों में झूठे वादों के जाल में फंसाया गया; जिससे साफ है कि अब सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। किसी के भी कंपनी के   नाम पर फर्जी जॉब ऑफर का ऐसा ही  बहुत सारे  मामला सामने आया है, जिसके बाद सरकार ने जरूरी चेतावनी जारी की है। कैसे पहचानें नौकरी फर्जी है या असली? “1.घर ब...