सायबर फ्रॉड की नकदी के कारण हजारों लोगो का बैंक खाता सीज हो रहा है।
ट्रांजेक्शन ट्रेल के माध्यम से दूसरे पैकेट में घूमना। व्यापारियों को पता नहीं चलता कि आई नेट फ्रॉड से जुड़ा हुआ है। जब पीड़ित व्यक्ति 1930 नंबर या पुलिस से शिकायत करता है तो जांच के लिए खाता ब्लॉक कर देते है।
सभी उपकरणों को फ़्रिज कर देता है। इससे दूसरे लेबल में भी हजारों-लाखों रुपये होल्ड हो रहे हैं। उत्पाद अपनी मेहनत से कमाई तक नहीं निकाल पाते। तीन पुलिस व बैंक के चक्कर लगाए रहते हैं।
शेष 5 उदाहरणों से... शेष के 10-20 रु. भी करवा रहे रेफ्रिजरेटर
मात्र 20 रुपये आये, 10 हजार रेफ़्रिजरेटर
फालका बाजार निवासी शिवम कौरव के जनरल स्टोर पर एक ग्राहक ने 20 रुपए का सामान लिया और ऑनलाइन कर दिया। नेट बैंक में आते ही बैंक ने अपना खाता रेफ़्रिजरेटर कर दिया। पहले से मौजूद 10 हजार रुपए भी हो गए थे। बैंक में पता चला कि उनके खाते में साइबर फ्रॉड की नकदी थी।
850 रु. दोबारा आया रेफ्रिजरेटर
डबरा निवासी ब्लूटूथ गुप्ता की किराना दुकान है। उनका बैंक अकाउंट ₹850 में आया और रेफ़्रिजरेटर हो गया। ट्रांज़ैक्शन कर न पाएं से संबंधित वे बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। संकट के बाद उनकी समस्या का समाधान हुआ। ब्लूटूथ बोले कि बिना डिजीटल के हमारा खाता रेफ़्रिजरेटर हो गया। कई दिन तक परेशान होते रहे।
चार बार में 590 रुपये का आंकड़ा आया
और 1.88 लाख होल्डिंग
गोला का मंदिर निवासी मोहित श्रीवास की मिठाई की दुकान पर कुछ दिन पहले 1 ग्राहक ने 60 रुपए का सामान खरीदा और ऑनलाइन पेमेंट किया। नोट एट ही मोहित के खाते में पहले से मौजूद 50 हजार रुपये का होल्ड लग गया था। दूसरे ग्राहक ने 380 रुपये भेजे तो 36 हजार हो गए। फिर 100 रुपये आये तो 58 हजार रुपये का रेफ़्रिजरेटर हो गया। एक और ग्राहक ने 50 रुपये लगाए तो 44 हजार रुपये हो गए। चार ट्रांजेक्शन में कुल 590 रुपए आए और खर्च हुए 1.88 लाख रुपए रेफ्रीजिरेटर हो गए।
33 रु. आख़िर में आये और हज़ारों हज़ार
डबरा के रहने वाले शिवम गुप्ता व्यापारी हैं। 10 दिन पहले उनके डिजिटल बैंक के खाते में 33 रुपये आये और बैंक खाता रेफ्रिजरेटर हो गया। शिवम बैंक क्षेत्र तो पता चला कि गुजरात से फ्रॉड की नकदी आई है। अब वे पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। शिवम के जमा में 40 हजार रुपये उनके काम नहीं आ रहे हैं।
520 और भी ज्यादा कीमत वाला रेफ़्रिजरेटर
पटेल नगर निवासी रवि गुप्ता की इलेक्ट्रॉनिक दुकान है। रवि का सेंट्रल बैंक में खाता है। पिछले दिनों रवि की दुकान पर कोई ग्राहक आया। दुकान से सामान और 520 रुपये ऑनलाइन उपलब्ध। एक दिन बाद रवि का खाता रेफ़्रिजरेटर खो गया। खाता होल्ड होने से रवि के पैसे भी फंस गए।
भास्कर नॉलेज़ः 5 स्टेज में खुला रेफ़्रिजरेटर
तानसेन नगर स्थित सहयोगी सेवा प्रबंधक लोकेंद्र सिंह राणा के अनुसार साइबर फ्रॉड की याचिका के बाद कार्रवाई चरण पांच में है। सबसे पहले साइबर सेल जांच शुरू होती है। फिर राज्य साइबर लाइब्रेरी अधिकारी जांच की पुष्टि करते हैं। उसके बाद बैंक की रिज़र्व टीम फिश होल्ड/फ्रीज की संबंधित शाखा को सूचना मिलती है। बैंक साइबर सेल थाना या 1930 पोर्टल के ऑर्डर पर ही खाता रेफ़्रिजरेटर होता है।
रेफ़्रिजरेटर ऐसे गोदाम
एसबीआई अधिकारी राणा के अनुसार पीड़ित व्यक्ति फ्रीज/होल्ड की शिकायत साइबर सेल में करता है। जांच में सही मिलने पर साइबर सेल एनओसी/डिफ्रीज आदेश देता है। इसके बाद बैंक अधिकतम एक सप्ताह में खाते से होल्ड हटा देता है।
सिस्टम में बदलाव कर रहे
अगर साइबर फ्रॉड के 10-20 रुपए भी आते हैं तो खाता फ्रीज हो जाता है। सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि साइबर फ्रॉड की जितनी रकम खाते में आए, वही फ्रीज हो। - धर्मेंद्र कुशवाह, निरीक्षक एवं साइबर क्राइम प्रभारी ग्वालियर
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