ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी एक साइबर अपराध है जिसमें धोखेबाज़ पीड़ितों को अवैध खरीदारी के लिए उकसाते हैं। वे नकली वेबसाइट बनाते हैं या वैध प्लेटफ़ॉर्म में हेरफेर करते हैं, ऐसे सौदे पेश करते हैं जो सच होने से भी ज़्यादा आकर्षक होते हैं, और व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुरा लेते हैं, जिससे वित्तीय नुकसान होता है और ऑनलाइन बाज़ारों में अविश्वास पैदा होता है।
कीमतों की तुलना करें: विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर कीमतों की तुलना करें।
कैश-ऑन-डिलीवरी का उपयोग करें: यदि कोई वेबसाइट संदिग्ध लगे तो कैश-ऑन-डिलीवरी भुगतान पद्धति का चयन करें।
सत्यापित विक्रेता चुनें: ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर "सत्यापित" या "विश्वसनीय" विक्रेताओं से खरीदारी को प्राथमिकता दें।
ऑफरों की पुष्टि करें: ऐसे ऑफरों से सावधान रहें जो वास्तविक होने के बावजूद बहुत अच्छे लगते हैं।
सुरक्षित लेनदेन: याद रखें, आपको पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी पिन, पासवर्ड या ओटीपी दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है।
सार्वजनिक नेटवर्क से बचें:
सार्वजनिक कंप्यूटर या नेटवर्क का उपयोग करके ई-शॉपिंग लेनदेन।
अपनी जानकारी सुरक्षित रखें: अपनी जानकारी को सुरक्षित न रखें
अविश्वसनीय ई-शॉपिंग वेबसाइटों पर कार्ड विवरण, जन्म तिथि, फोन नंबर आदि की जानकारी देना।
विक्रेताओं को सत्यापित करें: विक्रेता की साख सत्यापित किए बिना, OLX, Quikr आदि जैसे C2C प्लेटफार्मों पर अग्रिम भुगतान न करें।
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