साइबर फ्रॉड में मैलवेयर (Malware) एक दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर (Malicious Software) होता है, जिसे आपके कंप्यूटर, मोबाइल या नेटवर्क को नुकसान पहुँचाने, डेटा चुराने (जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स) या आपके सिस्टम पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल करने के लिए बनाया जाता है. यह अक्सर ईमेल अटैचमेंट, संदिग्ध लिंक, या फर्जी ऐप्स के ज़रिए फैलता है और वायरस, वर्म्स, ट्रोजन, रैंसमवेयर, स्पायवेयर जैसे कई रूपों में आता है, जो वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) का मुख्य ज़रिया बनता है. मैलवेयर कैसे काम करता है: संक्रमण (Infection): यह आपको किसी लिंक पर क्लिक करने, अटैचमेंट खोलने, या नकली ऐप डाउनलोड करने के लिए लुभाता है. 1.चोरी (Theft): एक बार इंस्टॉल होने के बाद, यह आपकी निजी जानकारी, बैंकिंग क्रेडेंशियल्स, और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा लेता है. 2.नियंत्रण (Control): हैकर्स आपके डिवाइस का रिमोट कंट्रोल ले सकते हैं या आपके डेटा को लॉक करके फिरौती (Ransom) मांग सकते हैं (रैंसमवेयर). 3.बाधा (Disruption): यह सिस्टम को धीमा कर सकता है या सामान्य कामकाज रोक सकता है. मैलवेयर क...
इस ब्लॉग पर , साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी, व वित्त संबंधी सलाह, व अन्य किसी भी प्रकार के फ्रॉड या धोखाधड़ी से बचने की, जानकारी प्रदान की जाती हैं। साइबर फ्रॉड से सुरक्षा भी जीवन रक्षा है। सावधान रहकर सतर्क रहे।